मेरी कविताएँ, मेरा संसार, कागज पर उकेरे गए मेरे दिल के अहसास,
खाली वक्त के मेरे साथी, मेरे एकांत के सखा,
वो आवाज जो कोई सुन न सका,
जिसे किसी को सुना ना सका.....
रूठ गए है अपने हम से बिसर गए सपने नयन से टीस रहे है घाव ह्रदय के पिघल रहे नीर नयन से कही नही सुरभि जीवन मे बसता है दर्द मन के अगन मे जीवन है जब भावों से रीता मैं क्या लिखूं कोई कविता